Song Title : Halka Halka
Singer: Rahat Fateh Ali Khan
Lyrics: Rashmi Virag
Music: Abhijit Vaghani
Music Label: T-Series
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ये जो हल्का हल्का सुरूर है
तेरे इश्क का ही फितूर है
मैंने जो लिखा था मिटा दिया
और तुझको अपना खुदा किया
ये जो हल्का हल्का सुरूर है
तूने कुछ किया तो ज़रूर है
जिस दिन से तू है दिखा पिया
मैंने सांस लेना भुला दिया
जिस्म से रूह का
इक सफ़र हो तुम
आखरी सांस में
इक उम्र हो तुम
दुनिया की भीड़ में
मुझको बस तू दिखे
क्या मैं तुमको दिखू
कहो ना तुम
ये जो हल्का हल्का सुरूर है
कुछ इश्क सा तो ज़रूर है
मैंने जागना सोना भुला दिया
मुझे क्या से क्या है बना दिया
तू मेरे खून में
बह रहा है कहीं
तू मेरे ख्वाब में
जग रहा है कहीं
मेरी हर बात में
बस तेरा ज़िक्र है
कुछ मेरे बारे में
कहो ना तुम
ये जो हल्का हल्का सुरूर है
तेरे इश्क का ही फितूर है
मैंने जो लिखा था मिटा दिया
और तुझको अपना खुदा किया
[किसी ने ना किया है
जैसा इश्क तेरा मेरा
मेरे ग़मों की रात का
तू उजला सवेरा] x 2
रहने दो ना नशे में
तुम फेरो ना नज़र
हल्का सा ही आया है
अभी चाहत का असर
किसी ने ना किया है
जैसा इश्क तेरा मेरा
मैं दौड़ता आता हूँ
कोई नाम ले जो तेरा
किसी ने ना किया है
जैसा इश्क तेरा मेरा
मेरे ग़मों की रात का
तू उजला सवेरा..
ये जो हल्का हल्का सुरूर है
तूने कुछ किया तो ज़रूर है
ये जो हल्का हल्का सुरूर है
किसी ने ना किया है
जैसा इश्क तेरा मेरा
मेरे ग़मों की रात का
तू उजला सवेरा..
{tab title=”English”}
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